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लोकसभा चुनाव 2023: मंडी सीट पर कंगना रनौत का बढ़त, कांग्रेस के विक्रमादित्य सिंह को मात

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लोकसभा चुनाव 2023: मंडी सीट पर कंगना रनौत का बढ़त, कांग्रेस के विक्रमादित्य सिंह को मात

कंगना रनौत की धमाकेदार एंट्री

हिमाचल प्रदेश की मंडी संसदीय सीट पर लोकसभा चुनाव 2023 की मतगणना जारी है और प्रारंभिक रुझानों से यह साफ हो गया है कि इस बार का मुकाबला बेहद कड़ा है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की प्रत्याशी और जानी-मानी अदाकारा कंगना रनौत ने अपने राजनीतिक करियर की धमाकेदार शुरुआत की है। कंगना, इस समय कांग्रेस के उम्मीदवार विक्रमादित्य सिंह से बहुमत में हैं और लगातार अपनी बढ़त बनाए हुए हैं।

प्रारंभिक रुझान और मतगणना की प्रक्रिया

आज सुबह 9 बजे से ही मतगणना की प्रक्रिया शुरू हो गई थी और पहले से ही कंगना रनौत आगे चल रही थीं। 11:40 AM पर कंगना ने विक्रमादित्य सिंह से 42,851 मतों की बढ़त बनाई थी। इसके बाद 12:40 PM पर यह बढ़त बढ़कर 75,146 मतों की हो गई थी। समय के साथ उनकी बढ़त और भी मजबूत होती गई और 2:50 PM तक कंगना अपनी स्थिति को मजबूत बनाते हुए दिख रही हैं।

चुनाव का महत्त्व और इतिहास

मंडी संसदीय सीट जिसे 'छोटी काशी' के नाम से भी जाना जाता है, राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सीट पर बीते वर्षों में बीजेपी के राम स्वरूप शर्मा ने 2019 और 2014 में विजयी प्राप्त की थी। हालांकि, 2021 के लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस की प्रत्याशी प्रतिभा सिंह ने विजय प्राप्त की थी। ऐसे में इस बार का चुनाव अपने आप में कई मायनों में खास है।

कंगना का राजनीतिक करियर

कंगना का राजनीतिक करियर

मंडी सीट पर इस बार के चुनाव की सबसे बड़ी बात यह रही कि बॉलीवुड अदाकारा कंगना रनौत ने राजनीति में कदम रखा। कंगना, अपने बेबाक बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रही हैं, और अब उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत ने उन्हें फिर से सुर्खियों में ला दिया है। यह चुनाव उनके लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है।

मंडी के 13.77 लाख मतदाता

मंडी संसदीय सीट पर कुल 13.77 लाख मतदाता हैं, जिनमें महिला और पुरुष मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर है। लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में लोगों की सहभागिता बढ़ रही है और इस बार के चुनाव में भी मतदाताओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया है। इस प्रकार की सहभागिता से ही लोकतंत्र मजबूत बनता है।

विक्रमादित्य सिंह की चुनौती

विक्रमादित्य सिंह, कांग्रेस के प्रमुख उम्मीदवार हैं और कांग्रेस पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है। हालांकि, कंगना की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और प्रारंभिक रुझानों में उनकी बढ़त ने विक्रमादित्य को कठिन स्थिति में डाल दिया है। अब देखना यह है कि आगे के रुझान और परिणाम क्या होते हैं।

लोकतंत्र और चुनाव का सद्भाव

लोकतंत्र और चुनाव का सद्भाव

लोकसभा चुनाव की यह प्रक्रिया लोकतंत्र के पवित्र पर्व के रूप में देखी जाती है। हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट पर जारी इस रोमांचक मुकाबले ने यह बता दिया है कि भारतीय मतदाता कितने जागरूक हैं और वे किस प्रकार से सही निर्णय लेकर अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं।

आगे की रणनीति

बीजेपी की जीत की स्थिति में यह देखना रोचक होगा कि कंगना रनौत अपनी नई जिम्मेदारियों को कैसे निभाती हैं। वहीं, कांग्रेस की स्थिति पर भी नजर रखनी होगी कि वे अपनी रणनीतियों में क्या बदलाव करती हैं।

अंततः, यह लोकतंत्र की ही विजय है जब एक अदाकारा और जनता की प्रिय नेता कंगना रनौत राजनीति के मंच पर बिना किसी पूर्वधारणा के खुद को साबित करती नजर आ रही हैं। अब हम सभी को अंतिम परिणाम का इंतजार है।

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